गलन's image
Share0 Bookmarks 95 Reads0 Likes

गुलदस्ता ये रंगीन जो तुम नोच कर मुझे सजाए हो 

मुरझा जाएंगे जश्न भी, जिस कदर मुझे तुम लाये हो 


यूँ होते नहीं रिश्तों के गुलशन तैयार कुछ सिर्फ चुन कर तोड़ लेने से


मेरी शाख के गिरे टुकड़ों से अगर सींच ना पाए हो 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts