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ये दुनिया बहुत बड़ी है

Sujata BhardwajSujata Bhardwaj July 2, 2022
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ये दुनिया बहुत बड़ी है।
         पर चलना तूझे सिर्फ अकेले ही है।
कोई नहीं है, साथ देने वाला तेरा।
         नीचा दिखाने के लिए ही सिर्फ दुनिया बनी है।
ताना देने दुनिया खड़ी है,
ये दुनिया बहुत बड़ी है।

जाना है तुझे दूर बहुत,
लड़ते - झगड़ते इन सबसे ऊपर।
रास्ता बहुत लंबा है,
कांटे बिछाने वाले भी बहुत हैं।
पर तुझे कांटों पर चलना नहीं है,
इसे साफ करके आगे बढ़ना है
ताकि तेरे पीछे कोई और इसमें चल सके ।
क्योंकि दुनिया कैसी भी हो,तुझ में तो इंसानियत भरी है।
ये दुनिया बहुत बड़ी है।

मंज़िल सामने और पीछे खाई है,
पीछे से तेरे दरारें बढ़ती आ रही है।
तू चल, अब चल,
जल्दी से जल्दी चल।
अब तुझे चलना ही है.!!
अगर नहीं चला तो, ये बढ़ती दरारें तुझे भी छू लेगी।
तू भी गिर जायेगा इस खाई में ।
पीछे सिर्फ मौत है, और आगे चमकती मंज़िल।
अगर मंज़िल मिली तो मौत भी घबरा कर भाग जायेगी
तुझे सिर्फ खुद को जीतना है,
दुसमन तो सारी दुनिया है,
लड़ना अब खुद से है, खुद के मन से है
अब मंज़िल की चाहत तुझ में कड़ी है,
ये दुनिया बहुत बड़ी है।

~सुजाता भारद्वाज 

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