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कुसूर नज़रों का

Sujata BhardwajSujata Bhardwaj May 4, 2022
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कुसूर न आपका था,
न कुसूर हमारा था।
हमें जो मोहब्बत हुई आपसे  ही ,
कुसूर ये नज़रों का सारा था...!

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