मित्र, तू  ही मेरा संसार है …'s image
Kavishala SocialPoetry1 min read

मित्र, तू ही मेरा संसार है …

Sudhir BadolaSudhir Badola August 7, 2022
Share0 Bookmarks 398 Reads3 Likes

मित्र, तू ही मेरा संसार है

 

मन में जब अंधेरे हों

बेचैनी ने घेरे हों

बस तू एक तलबगार है

मित्र, तू ही मेरा संसार है


तेरे आने से ख़ुशी होती है

चेहरे पे मेरे हँसी होती है

साथ है तू वही दिन इतवार है

मित्र, तू ही मेरा संसार है


आई कभी विपत्ति की घड़ी

जब कोई अड़चन पड़ी

संग खड़ा तू हर बार है

मित्र, तू ही मेरा संसार है


तूने रुतबा ना ओहदा देखा

मेरी ख़ातिर लांघी हर रेखा

विकट समय में भी मिला तुझसे सत्कार है

मित्र, तू ही मेरा संसार है


दिल को एक सुकून मिला

एक अरसे बाद जब तू मिला

मै सुदामा तू कृष्ण का साक्षात्कार है

मित्र, तू ही मेरा संसार है

           -सुधीर बडोला

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts