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कलियुग में द्रौपदी

Sudhir BadolaSudhir Badola August 9, 2022
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कलियुग में द्रौपदी


आज फिर कौरवों का जोश

चरम सीमा पर था,

दुस्साहशन में फिर अदम्य साहस

और भुजाओं में बल था,

उत्तेजित दुर्योधन की ‘ जाँघ ‘

आज फिर फड़फड़ाई

भरी सभा में फिर एक बार

‘ लज्जा ‘ शर्मसार हुई,

फिर एक बार आज

द्रौपदी लाचार हुई ।

पता नहीं पर क्यूँ आज फिर

अर्जुन का गांडीव झुक गया,

क्यूँ आज भीम की गदा

और भुजाओं का बल थम गया

क्यूँ सहमे बैठें रह गए आज फिर

भीष्म ,कुलगुरू,और द्रोण

क्यूँ नहीं फिर आज श्री कृष्ण

का साक्षात्कारः हुआ ,

कुछ नहीं बदला है

उस युग से इस युग तक

कल भी और आज भी

सिर्फ़ ‘ औरत ‘ शर्मसार हुई

फिर एक बार आज

द्रौपदी लाचार हुई ।


-सुधीर बडोला

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