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दूरियाँ और दूरभाष

Sudhir BadolaSudhir Badola October 31, 2022
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दूरियाँ और दूरभाष


सुनो प्रिये…

कल फिर मिलेंगे

झील के पार 

पर एक निवेदन तुमसे

घर ही छोड़ आना तुम

अपना दूरभाष यंत्र

क्यूँकि ये चंचल चलंत यंत्र

परीक्षा लेता है

मेरी सहनशीलता का

साथ उत्पन्न करता है

ईर्षा का भाव

और तुम्हारे साथ होते भी

मुझे अकेला कर देता है


सिर्फ तुम्हारा…


-सुधीर बडोला

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