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आगे निकलने की होड़

Sudhir BadolaSudhir Badola October 18, 2022
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आगे निकलने की होड़


चुनी हैं आसान राहें

भले विकट मोड़ हैं

थमना नहीं किसी को

बे मतलब की दौड़ है

ना रह जाये पीछे कहीं

आगे निकलने की होड़ है


हुनर निखारना भूलें हम

चापलूसी का दौर है

सत्य सुनने की क्षमता क्षीण

यहाँ मिथ्या पुरज़ोर है

तर्क विश्लेषण भूलें हम

हर मंत्रणा सिर्फ शोर है


-सुधीर बडोला

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