पिजड़ा।'s image
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इतना नियम बना दो कि।

हम उस में कैद हो जाए।

तुम हमें दुनिया से इतना छुपा दो।

कि हम अपनी ही रूहों में कैद हो जाए।

दफना दो हमें हमारे ही जिस्म मे।

हम वह सुना कब्रिस्तान हो जाए।

इतना दर्द दो हमें की।

हम भी दर्द हो जाए।

इतना अकेले छोड़ दो के हम।

पूरी तरह खाली हो जाए।

इतना नियम बना दो तुम।

कि हम कैद हो जाए।

इतना भागो तुम हमसे कि हम।

तुमको भूल जाए।

जाओ।

जला दो उन पन्नों को।

जिसमें मेरे नाम की खुशबू हो।

दफना दो उन घड़ियों को।

अगर कफन कम पड़ जाए।

तो मेरी रूह से काम चला लेना।

जितना तड़पू मैं

उतना ही तुम मुझको तड़पा देना।

रात के अंधेरों में तुम ना सता कर।

तुम दिन में भी इन दिल को बिजली से आजाद करा देना।

दम घुटता है मेरा जनाब।

इस जिस्म के अंदर।

सुनो ईश्वर मेरे।

जब तुम मेरे जिस्म से रूह को जुदा करना।

तुम उस घड़ी मुस्कुराते रहना।

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