पैसे से हजारों दिल बिकते होंगे आपके बाजारों में।'s image
UAE PoetryPoetry1 min read

पैसे से हजारों दिल बिकते होंगे आपके बाजारों में।

Sudha KushwahaSudha Kushwaha June 10, 2022
Share1 Bookmarks 59 Reads1 Likes

पैसों से हजारों दिल बिकते होंगे आपके बाजारों में।

हमारे जैसा यार नहीं बिकता।

हमारे दिल का बाजार नहीं बिकता।

दिल को जीत कर।

आप हरा दोस्त तो ओ बात अलग है।

हमारी दुनिया में।

पैसों की एक औकात अलग है।

यह भूल मत जाना।

दिल पैसों से नहीं बिकते।

जो बिक जाते हैं।

वह बड़े सस्ते दिलवाले कहलाते हैं।

वह हर रोज एक नया आशिक बनाते हैं।

उनका दिल पत्थर का होता है।

जो कांच के दिलों से खेल जाते हैं।

ऊपर से तो मुस्कुराते हैं।

पर गमों के मारे।

रात की ओट में रोते रह जाते हैं।

पैसों से हजारों दिल बिकते होंगे।

आप के बाजारों में।

मुझ जैस फकीर नहीं बिका करता।

यह पैसों के लिए नहीं लुटा करता।

यह इतना सस्ता भी तो नहीं है।

यह तुम्हारे दो कौड़ी के बाजारों में बिका भी नहीं करता।

तुम पूरी दौलत भेजकर भी सरहदों के उस पार खड़े हो गए।

तो उसका क्या फायदा।

यह दौलत और से नहीं बिका करता।



एक बूंद अमृत _sudha


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts