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मोहब्बत उसकी ऐसी कि हर पल वह अपने दिल से एहसास दिलाता है।

Sudha KushwahaSudha Kushwaha October 19, 2021
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मोहब्बत उसकी ऐसी कि हर पल।

वह अपने दिल से मिलाकर एहसास दिलाता है।

मैं किसी और की हो जाऊं।

उसके पहले उसका दिल सीने से निकल कर दहलीज पर आ जाता है।

क्या लड़का है वह।

जाने कौन सा फार्मूला अपनाता है।

दिल का तो छोड़ो।

दिमाग का एक-एक पुर्जा हिल जाता है।

बेरहम वाह।

अपनी मोहब्बत का एहसास।

जालिमों की तरह जताता है।

बैठा मुझ से कोसों दूर।

मेरे दिल तक चला आता है।

हाय करम।

गुलाबी पंखुड़ियां सा उड़कर मेरे दिल तक अपनी सुगंध पहुंचा जाता है।

कमाल का इश्क उसका।

जब याद करें समझ लो शामत आई है।

उसकी मोहब्बत भी रब जाने क्या क्या गुल खिलाएगी।

दिल उड़ा ले गई मेरा।

जाने क्या क्या ले जाएगी।

उसके इश्क में दम इतना मजाल क्या किसी और के इश्क की।

कोई और क्या मेरे आशिक का मुकाबला कर पाएगा।

बावरा वाह।

अगर उसका बस चले तो।

सारे जहां से कह जाए।

तेरा दिल सिर्फ मेरा है।

मोहब्बत उसकी ऐसी कि।

वह हर पल अपने दिल से मिलाकर एहसास दिलाता है।

वह बस लफ्जों में ना कह कर।

अपनी यादों के पिंजरे में कैद कर जाता है।

उसका इश्क ऐसा।

जैसा कोई और न कर पाए

मेरे रूहों का मालिक हैओ।

क्या मजाल कोई और उसकी तरह मेरी रूह उसे मिल पाए।

बड़ा नसीब मेरा।

उसकी तरह आशिक मेरी किस्मत में आया।

जो मुझे कभी भूल नहीं पाया।

मेरा हाल भी वही है।

इतना गहरा है यह।

जिसमे मोहब्बत की कोई कमी नहीं है।

देखा नहीं कभी उसे।

फिर भी दिल को उससे एक दिललगी है

मोहब्बत भी देखो ना आज।

मेरे सामने किस तरह खड़ी है।

मेरा दिल जीत कर ओ जिद पर अड़ी है।


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