पंछी और डाल's image
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एक डाल पर तुम बैठी हो एक डाल पर सपनें हैं

छोड़े किसका साथ बताओ दोनों ही तो अपने हैं

तुम कहती हो उनको छोड़ो जिसने ये सांसे दी है

उतनी दूर पतंग जायेगी जितने ये मांझे ली है

कष्टों के कारण कन्धों पर बोझ बहुत ही भारी है 

इस पीड़ा को तुम भी समझो तो थोड़ा हितकारी है 

आती जाती खुशियों में मुस्काना तो पड़ता है 

मुश्किल चाहे जितनी हो साथ निभाना पड़ता है

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