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न्याय के सरंक्षण की लड़ाई

suresh kumar guptasuresh kumar gupta March 18, 2023
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संविधान में आप न्याय के पैरोकार बने थे 
कुरीतियां चरम पर थी आप खामोश रहे 

जो नही लड़ सकी हथियार डालती गयी 
संस्थाए कई समाज मे निर्वस्त्र होती रही

लोकतंत्र बचाने का आपने ठेका लिया था
आपकी चुप्पी यह किस मुकाम पर लाई

दुश्मन को कमतर आंका आपकी भूल थी
लोकतंत्र में आपकी चुप्पी सही में जुल्म थी

आमने सामने तलवारे म्यानों से निकल आई
न्याय के सरंक्षण की लड़ाई खुले में आ गई

किसे कटघरे में खड़ा करने आप निकले है
आपकी उस वक्त खामोशी ने जुर्म किया है

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