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गली का क्रिकेट

suresh kumar guptasuresh kumar gupta March 13, 2023
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गली में नया नया क्रिकेट का बोर्ड खुला।
किस घड़ी में अध्यक्ष का चुनाव तय हुआ।

बात बहुत छोटी थी, तिल का ताड़ हुआ।
सोशल मीडिया ने सब रायता फैला दिया।
 
रातो रात आग की तरह ये खबर फैल गया।
कोई चुनाव होना है, ऐसा न्यूज़ फैल गया।

दिल्ली से नेताओ का हजुम ही उमड़ पड़ा।
गली का नाम गोदी मीडिया में छाने लगा।
 
गली के सारे बच्चे और खिलाड़ी बंट गए।
कुछ भारत बने कुछ पाकिस्तान हो गए।

जिसने दाढ़ी बढ़ाई वे मुसलमान हो गये।
सब अपना अपना माहौल बनाने लग गये।
 
अभी खेल में ट्विस्ट का आना बाकी था।
चारो ओर आग थी ट्वीट का जमाना था।

खेल की आग को मोहल्ले में फैलाने लगे।
चुनाव की जीत में जोड़ तोड़ लगाने लगे।
 
बिना मारकाट चुनाव निर्विघ्न सम्पन्न हुए।
कोई वोट ईवीएम की धांधली में अटके रहे।

अध्यक्ष नेताजी के मामा के बेटे के साले के
दोस्त के भुआजी के भतीजे का भाई हुआ।
 
नही बॉल आई नाही बेट ने कमाल दिखाया।
तो क्या पूरे मोहल्ला दो टीमो में बंटता गया।

मम्मी एक टीम में आ गई तो उसकी सहेली
पापा की टीम में कप्तान बनकर बैठ गयी।
 
तड़का लगा दाऊद अम्बानी कनेक्शन दिखा।
फिर भी लग रहा था जैसे कुछ तो अधूरा था।

चाचा ने आंतकी आने का ऐलान कर दिया।
मोहल्ले के ताबूत में आखरी कील ठोक दिया।
 
मत सोचो समझना जरा मुश्किल होता गया।
क्रिकेट बोर्ड महाभारत में तब्दील होता गया।
 

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