दुखद साझेदारी's image
Poetry2 min read

दुखद साझेदारी

suresh kumar guptasuresh kumar gupta April 12, 2023
Share0 Bookmarks 0 Reads0 Likes

गीता का ज्ञान है ये मार्ग प्रशस्त करेगा
आपका क्या गया आपने क्या गुमाया 
वक्त जरा दुखद है हम आपके साथ है
आपने हमसे कमाया वो ही गुमाया है

यह हिंडेनबर्ग को क्यों मिर्ची लग गयी
कम से कम करीब आकर पूछ तो लेते
यह विदेशी चाल है वह हमसे जलते है
और आपका प्रॉफिट जलाते चल पड़े

ये विदेशी क्या जाने धंधा कैसे होता है 
इसे फ्रॉड नही कहते बिज़नेस होता है
विकासशील देश में हम विकास करेंगे 
नही तो क्या यहा बैठ पकोड़े ही तलेंगे 

अगर कोई गलत और फ्राड हुआ होता
एक सौ तीस करोड़ ने देख लिया होता
भरोसा करो मत ध्यान देना इधर उधर 
ये भड़काने वालो ने सैना लगा रखी है

ईड़ी सीबीआई भी खामोश नही रहती
फ्रॉड होता कहीं तो आवाज़ हुई होती
हां वे विपक्ष ठिकाने लगाने में व्यस्त है
मगर मान लेना वे तो चौक्कने दुरस्त है

जागरूक चौकीदार है बेफिक्र सोइये
हुआ भी गलत आपको क्या करना है
अगर हम बिक भी जाए इस जहां में
वादा निभाना आपको साथ रहना है।

आपका तो दस टका नुकसान हुआ 
हमारा चौवन हजार करोड़ धूल गया
न हम बेजार हुए न तुम बेजार होना
पैसा हाथ का मैल है दोस्त बने रहना

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts