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मन के आशाओं को मेरी,इतना सा विराम दे देना..

कुछ न देना तुम मुझको, अपना ही नाम दे देना...।

खड़े थे अक्सर साथ मेरे,जब भी कभी था मैं हारा ..
आज भी साथ में रहकर तुम,मुझको नव जीवन दे देना...।।
– शुभम् अग्रहरि 

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