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'अकेला' मैं होता हूं!

शिव अकेलाशिव अकेला January 18, 2022
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अपने अकेलेपन में होता हूं
जब भी तुम्हें याद करता हूं

हारा सा होकर भी सपने सजोता हूं
कुछ याद करके बहुत कुछ मैं खोता हूं

फ़िर भी उन आँखो का ख़्वाब याद है
जिन्हें मैं अक्सर भूला करता हूं

याद है उन छोटी मुलाक़ातों का हिसाब
याद करता हूं, जब भी, अकेला मैं होता हूं

ख़ुश दिखता दुनिया को छुपकर मैं रोता हूं
याद तुम्हें करता हूं जब 'अकेला' मैं होता हूं।

-शिव अकेला

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