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तोड़ दिया शाख ही जब पर निकल गए .....

ShivkumarShivkumar July 8, 2022
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कैची की तरह काट कर रिस्ते निकल गए,

अपने ही थे जो अपनों की किस्मत से जल गए ।

कैसा है जमाना कैसी इन्सान की फितरत,

तोड़ दिया शाख ही जब पर निकल गए ।।


.... शिव कुमार शर्मा

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