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कली उम्र में प्यार सिकती कितना है।

Shivam Ved MishraShivam Ved Mishra October 16, 2022
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कली उम्र में प्यार सिकती कितना है।
सिकने के पहले वह टिकती कितना है।

"रंग गाढ़ा" जैसे होने ही वाला हो।
ओ "बेमौसमी बरसात" जैसे होने ही वाला हो।

तभी अचानक ठहरो-उन्मादी की आवाज आता।
खुद-ब-खुद वह ठहर और सहम सा जाता।

हो चुका था मालूम उसे उसका "दीन" हालात है।
ओ बेखबर, बेहिसाब, बेइंतिहान "चाह" रखता है।

उसके चाह की चाहत ओ तो दीन पर है टिकी।
कोई उसे क्यू बताएं वह बादल की जल को अंजुरी से है पी।

कली उम्र में प्यार में प्यार सिकती कितना है।
सिकने के पहले वह टिकती कितना है।

                        (शिवम वेद मिश्र)

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