अंजान राहें's image
Share0 Bookmarks 0 Reads2 Likes
बंद हो गए सारे रास्ते,
ऐ खुदा दिखा तू राह मेरे वास्ते।
है ये अंजान राहे औऱ रास्ते
करूँ मैं क्या बता तू मेरे वास्ते।
हर मोड़ बैठा एक ठग है,
तू ही बता अब जाऊं मैं किस रास्ते।
सोचा था जग है मेरे जैसा,
हर डगर मिले कपट और झूठे वास्ते।
कैसे बनाऊं मैं संतुलन
उथल पुथल है ये डगर और रास्ते।
ज़िन्दगी ले जा रही किस राह पर,
क्या करूँ मैं जाऊं मर।
जिस कांधे का सहारा मैने पाया है,
उसने ही मेरे कांधे को अपना सहारा बनाया है।
बड़ी भूल भुलैया सी राह है, अजीब से हैं ये रास्ते
पाया हर राह अकेला, नहीं खड़ा कोई अपने वास्ते।
बंद हो गए सारे रास्ते,
ऐ खुदा दिखा तू राह मेरे वास्ते।
है ये अंजान राहे औऱ रास्ते
जाऊं किस राह मै बता दे तू मेरे वास्ते।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts