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संभाल ले  मुझे जरा
तू थाम के भी रख मुझे
मुझे यकीन करा के चल 
के है यहीं मेरे लिए
मेरे लिए ही सही
खुदी की चाह में निकल
समय यही की है अभी
की प्यार को तू खुद में ही 
समा भी ले 
तू आज को भी हक में रख
की है यही परीक्षा तेरी
तू कल की राह को भी देख
जीत ले तू आज से 
तूफान को भी कुचल दे तू
जो कल है, वह है तेरा
बना ले इसको अपना तू
जीत है यही तेरी
अजीत तू, विराज भी।
             

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