'' हाल-ए-दिल '''s image
Share0 Bookmarks 0 Reads1 Likes
बीते हुए कल का , एक मलाल है मेरे दिल में !
वर्षों से दबा , एक सवाल है मेरे दिल में !

कुछ यादें तो ऐसी , कि जैसे दफ़ीना है कोई,,,
मग़र फ़िर भी एक तल्ख़ सा , ख़्याल है मेरे दिल में !

मेरे चेहरे से यूँ तो , दिल - शिफ़ागी नहीं दिखता,,,
महज़ अंदर ही अंदर , एक बवाल है मेरे दिल में !

मेरे सपने भी कई दफ़ा , टूटे हैं मग़र,,,
उम्मीदें भी कई , बेमिसाल है मेरे दिल में !

अभी महबस में क़ैद है , मेरी खुशियों का परिंदा,,,
पर फ़िर भी ज़िन्दगी का , एक जमाल है मेरे दिल में !

तो क्या हुआ अग़र , रब रूठा है मुझसे,,,
अज़ाब सहने की हिम्मत भी , कमाल है मेरे दिल में !

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts