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क्या नाम दूं

Shikha singhShikha singh November 6, 2022
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आप जो कुछ भी कर रहे हैं

इसे मैं वकालत कहूं या कहूं इसे मैं पैरवी,

अपनी जिल्लत कहूं या जहालत का नाम दूं इसे,

क्या नाम दूं मैं आपके इस रवैये का!

क्या मकसद है आपके इस रवैये का!

कभी कभी अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो जाता है,

कभी लगता है मैं आपको अच्छे से जान गयी हूं

और अगले ही पल ऐसा लगता है जैसे हम कोई अजनबी है, मैं कुछ भी नही जानती आपके बारे मे

मैं अपनी खैर खां मनाऊं या आपकी खैर खां बनू,

मैं अपनी जमानत समझू या आपकी जहालत समझू

आपके इस रवैये को मैं क्या नाम दूं ।

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