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किससे अब कहूं

Shikha singhShikha singh November 8, 2022
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दिल मेरा भी है दुखा किससे अब कहूं,

दर्द मेरा है बढ़ा किससे अब कहूं,

किसे सुनाऊं दिल की बात कोई हमदर्द ही नही,

किसे बताऊं मन की बात कोई साथी ही नही,

तकलीफो मे गुजर रही है जिंदगी

फिर भी मजबूती से है खड़े रहना,

दर्द कितना भी हो अंदर मजबूत है रहना,

सबकुछ है अंदर अंदर ही सहना

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