कल्पना's image
Share0 Bookmarks 43 Reads0 Likes

हम अक्सर अपने उस सपने के पीछे भागते है

जिन्हे हम हकीकी तौर पर पूरा नही कर पाते,

और जब हम थक जाते है

तो उस सपने की कल्पना करते है

अपने ख्वाबों में,

पर ख्वाबों का क्या है!

वो तो नींद के खुलने भर से टूट जाते है ।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts