गहरे जख्म नसीबो के's image
Poetry1 min read

गहरे जख्म नसीबो के

Shikha singhShikha singh October 3, 2021
Share0 Bookmarks 40 Reads0 Likes

नसीब की बात मुझसे ना ही करो तो अच्छा है,

बहुत गहरे जख्म दिये है इसने,

मैंने भी अपना नसीब समझा था उसे,

देखो क्या हुआ. . . . . . . . . . . . . . ।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts