गहराईयां's image
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मैं धूप सा तुम छाया हो

मैं बादल हूँ तुम बारिश हो

मैं सर्दी सा तुम बर्फ हो

मैं गर्मी सा तुम ठंढी हवा हो

मैं पतझड़ सा तुम बसंत हो

मैं तालाब सा तुम झरना हो

मैं ठहरा सा तुम बहती हो

फिर भी हमदोनो एक है

ना हम सा यहां अनेक है

न०1 हमारी जोड़ी है

ये झूठी बातें थोड़ी है

सारी बातो मे सच्चाई है

इनमे बहुत गहराई है

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