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ढर्रे पर जीना भी है क्या जीना

Shikha singhShikha singh January 5, 2022
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जिंदगी को एक ही ढर्रे पर जीते जाना

और अचानक से बदल देना

बहुत मुश्किल होता है,

इंसान अपनी मर्जी का मालिक होता है

वो जो करता है उसमे अपना

सही-गलत अच्छा-बुरा जानकर ही करता है

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