कविता सपना's image
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ज़िन्दगी सफर हम मुसाफ़िर

हर खुशी रेत का घरौंदा

हर ग़म मेहदी सा

अरमान हैं शीशा

ख़्वाब हैं तिनका

मंज़िल किसी की नहीं है कोई

हर कदम पर पत्थर

रास्ता सबका तन्हा

आँखों में आंसू

जज़्बात हैं खिलौना

कुछ नहीं जो इंन्सा का अपना

मौत है बिलकुल सच्चा सपना

जो है इंन्सा कि बहुत अपना...!


शिबली सना

प्रयागराज (इलाहाबाद)


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@Shiblisana



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