तुमसे पहली मुलाकात की तस्वीर!!'s image
Share0 Bookmarks 105 Reads2 Likes

संबंधों का बिस्तर रोज नही बदलता

हाथ छूटा तो फिर साथ नही मिलता 

रात के चंद्रमा को जाना ही है होता

दिन की धूप से रिश्ता नही है जुड़ता 

कोशिश बहुत करती है आंखे रोकने की

अश्कों का मगर इरादा नहीं है बदलता

घाव कितना भी गहरा क्यों ना हो 

आंसुओं का कभी रंग नही है बदलता

सफर कितना भी लंबा क्यों ना हो 

मंजिल का मतलब नही है बदलता

कितनी भी गहरी सांस तुम ले लो 

यादों का चेहरा नही है बदलता

हम और तुम रहे ना या ना रहे 

रिश्तों का अंदाज नही है बदलता

वो तुमसे पहली मुलाकात की तस्वीर

जिसका कभी रंग नही बदलता

शैलेंद्र शुक्ला "हलदौना"


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts