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तब पिता बेटे में सहारा ढूंढता है

शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना" June 21, 2022
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 हैसियत से ज्यादा हम पर खर्च करने वाला 
अपनी जरूरी जरूरतों में कटौती करने वाला
आखिरी वक्त में जब अकेलेपन का शिकार होता है 
तब एक पिता अपने बेटे में सहारा ढूंढता है !!

पैरों में खुद  फटे जूते पहनने वाला 
पर हमें नई साइकिल दिलवाने वाला
बीमारी से जब खुद  मजबूर होता है 
तब एक पिता अपने बेटे में सहारा ढूंढता है !!

रोज रात को परियों की  कहानी सुनाने वाला 
बीमारी में रात रात भर  हमारे लिए जागने वाला 
 बुढ़ापे में जब  थोड़ा वक्त साथ  गुजारना होता है 
तब एक पिता अपने बेटे में सहारा ढूंढता है !!

 पीठ पर बिठाकर घोड़ा बनजाने वाला 
 सिखाने के लिए हर बात को दोहराने वाला
जब कानों से सुनने को खुद  मजबूर होता है 
तब एक पिता अपने बेटे में सहारा ढूंढता है !!

अंगुली पकड़ कर चलाने वाला 
कंधों पर बिठाकर घुमाने वाला 
चलने के लिए  जब मजबूर होता है 
तब एक पिता अपने बेटे में सहारा ढूंढता है !!
शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"






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