सच को पतलून's image
झूठ की साजिश पर देखो सच बदनाम हुआ
सच की पतलून पहन  झूठ फिर जवान हुआ!!
सबको यही लगा कि अब तो  झूठ ही सच है 
सच तो बिना पतलून कोने में था खड़ा हुआ!!
सच को पहना दी गई थी हाथ और पांव में बेड़ियां 
अब झूठ अपने अभिमान के रथ पर सवार हुआ!!
सच तो अब तक सिर्फ सुबह के इंतजार में था
झूठ चिल्ला चिल्ला कर देखो  लाजवाब हुआ !!
पर झूठ का साम्राज्य बेमानी की जमीन पर था बना
देर से ही सही सच अपनी जमीन फिर से काबिज हुआ!!
शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"

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