ख्वाहिशों की पोटली!!'s image
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कोशिशें मैंने बहुत की खुदको पाने की भला

खोजता जितना खुदको खोता उतना ही गया !!

कोहनूर हो गया होता कांच के पत्थर की जगह

रंजिशें जो सबसे रखी काश रखता खुद से जरा !!

साथ की चाह हर दम लेकर जिया है तू सदा 

याद इतना रख लेता तन्हा आया तन्हा ही चला !!

मौत को भी जो याद रखता इस जिंदगी की तरह

ख्वाहिशों की पोटली सिर पर कभी ना ओढ़ता !!

कोशिशें मैंने बहुत की खुदको पाने की भला

खोजता जितना खुदको खोता उतना ही गया !!

शैलेंद्र शुक्ला"हलदौना"


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