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जिस जिस्म को संवारा उमर भर!!

शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना" June 17, 2022
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कुछ नही जाता तेरे साथ साकी
राख को भी हवा उड़ा ले जाती है 
जिस जिस्म को संवारा उमर भर
उसको अपने ही सरे आम हैं फूंकते
शैलेंद्र शुक्ला "हलदौना"
ग्रेटर नोएडा (उoप्रo

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