बाती की तरहा जल रहा हूं !!'s image
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कौन किस की किस्मत लिख रहा है 
मुझे  तो सिर्फ  मेरा यार दिख रहा है  !!
सबको करनी है हासिल जहां की नेमते
में तो मेरे  हमनवा  के लिए बिक रहा हूं !!
किसको नही जाना आसमां के उस पार 
में तो हमसाये के लिए जमीं पर रुक रहा हूं!!
मालूम है कुछ ना मिलेगा दर्द के सिवा
पर में तो  जानपूछ कर मिट रहा हूं !!
उसकी परछाईं भी नही होगी मुझको हासिल
 पाने की खातिर बाती की तरहा जल रहा हूं !!
इश्क में मंजिल नही मिलती ये सब कहते हैं 
में उसके लिए  सरे आम खुद  लुट रहा हूं !!
शैलेंद्र शुक्ला " हलदौना"

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