अंतिम पायदान's image

जो कभी खबर बनाते थे 

आज वो खुद खबर बने हैं !!

जिनको संभाला जिंदगी भर 

आज उन्हीं के आसरे हैं !!

जिंदगी का अंतिम पायदान ही 

सच में आपकी असलियत है !!

मौत रोज सुबह दस्तक देती है 

कल फिर आऊंगी कह कर डराती है 

कल का सवेरा क्या होगा इन आंखों में

हर रात यही बात अपने आप से होती है !!

दिन घट रहे हैं उम्र के या उम्र बढ़ रही है 

कैसे भी समझो असलियत मौत पर टिकी है !!

खाक हो जाना है सबको एक दिन यहीं

फिर क्यों जिंदगी इतने ताने बाने में फंसी है!!

शैलेंद्र शुक्ला"हलदौना"

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts