आंसुओं का हिसाब!!'s image
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हजारों मंदिर तोड़ कर जिसने मस्जिद बनाई
आज सबका एक बार फिर से हिसाब  होगा 
औरंगजेब को हजरत आलमगीर  कहने वालों 
जिस तरह मांझी में रोए होंगे हमारे लाखों बुजुर्ग 
तुम उन आंसुओं को सूत समेत चुकाना होगा 
शैलेंद्र शुक्ला"हलदौना"

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