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लोकतांत्रिक पर्व और हमारा देश

Shashank ShuklaShashank Shukla January 9, 2022
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लोकतांत्रिक पर्व और हमारा देश

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ज पांच राज्य में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा निर्वाचन आयोग ने कर दिया । इसी के साथ भारत की सबसे बड़ी चुनावी जंग का बिगुल बज चुका है, कौन किस पर भारी होगा, कौन किसका आभारी होगा यह तो वक्त ही बताएगा।

परंतु, चुनाव के इस महासंग्राम में रोमांच तो तय है, रोमांच हो भी क्यों ना इस बार नए नियम जो लाए गए हैं, हालांकि हमारे देश में चुनाव आयोग के सख्त नियम उसी तरह है जिस तरह आजकल के नवयुवक बुजुर्गों को देखकर पैर तो छू लेते हैं परंतु उनकी कही बातों को कभी अमल नहीं करते, पिछले वर्ष हुआ बंगाल चुनाव ही देख लो कितनी अच्छी तरह से आचार संहिता का पालन किया गया, इसी उम्मीद के साथ इस साल भी सभी रैलियां, पदयात्रा एवं भीड़ इकट्ठा करने की मनाही है, उम्मीद है सभी सख्त नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा और आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को निर्धारित दंड दिया जाएगा।


चुनाव सिर्फ जनता को मतदान और नेता के पद प्राप्ति के लिए नहीं होता चुनाव हमें अपने कल को मजबूत बनाने के लिए एक अवसर लेकर आता है, इस अवसर को हमें अच्छी तरह उपयोग करना चाहिए ताकि हम अपने आने वाले कल को सुरक्षित रख सके, 500₹ मैं एक वोट खरीदने वाला नेता आपके घर के सामने वाली 500 करोड़ कि सड़क चुरा कर ले जाएगा और आप उसी टूटी फूटी सड़क पर अपनी जिंदगी के 5 साल 500₹ में बिता देंगे ।

फैसला आपका 500₹ या 500₹ करोड़


008/365_2022

#शशांक

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