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शिक्षक-एक निर्माता

Shashank ManiShashank Mani October 12, 2022
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मन के कोमल भावों को सुदृढ़ बनाता
अपने अनुपम यत्न से उनको सजाता।।
जिंदगी की राह के, दुर्गम पथों पर
कदमों को बढ़ने की है युक्ति बताता।। 
इस सकल संसार में शिक्षक वही है 
स्वप्न को जो पूरा करना है सिखाता।। 

ज्ञान के सागर की बूँदों के मलय से
ये खिलाता है जेहन की क्यारियाँ।।
उचित, अनुचित, सत्य की पहचान देकर
दूर करता मन की सब दुश्वारियाँ।। 
अधर्म से लड़ते हुए निज धर्म की
रक्षा करने का हुनर, कौशल दे जाता।। 
इस सकल संसार में शिक्षक वही है 
स्वप्न को जो पूरा करना है सिखाता।।

न कभी रुकना समर में हारकर
चलते रहना ठोकरों को झेलकर।। 
मुस्किलें चाहें कठिन अवरोध हों पर
मुश्किलों से लड़ना है दिल खोलकर।।
ऐसे जज्बों को सतत संधान से
जो हमारे रोम-रोम में है बसाता।। 
इस सकल संसार में शिक्षक वही है 
स्वप्न को जो पूरा करना है सिखाता।। 

चलते रहना है अडिग मंजिल की खातिर
जैसे चलता रेत पर प्यासा मुसाफिर।। 
न कभी नैतिकता का तुम साथ छोड़ो
हो अगर कहीं जुर्म उसके तरु को तोड़ो।। 
जीवन समर के युद्ध की इन नीतियों को
फैसलों के तीरों का तरकस बनाता।।
इस सकल संसार में शिक्षक वही है 
स्वप्न को जो पूरा करना है सिखाता।। 

एक कुशल शिक्षक वही जो इस जहां में
मार कर नफरत प्रेम करना सिखा दे।।
द्वार पर आए हुए बालक, मनुज को
दुश्मनों से जीतने का गुण सिखा दे।।
सारी मानवता का अंतिम लक्ष्य जो
सारे मानव को अगर मानव बनाता।।
इस सकल संसार में शिक्षक वही है 
स्वप्न को जो पूरा करना है सिखाता।। 





----विचार एवं शब्द-सृजन----
----By---
----Shashank मणि Yadava’सनम’----
---स्वलिखित एवं मौलिक रचना---



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