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सनम के मुक्तक

Shashank ManiShashank Mani September 20, 2022
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हम उनके जज्बातों में, जज्बात मिलाते चले गए
उनके गीतों में अपने, अल्फाज मिलाते चले गए।।
अब मेरा दिल झूम रहा, उनकी पायल की छम-छम पर 
उनकी साँसों में अपने, अंदाज मिलाते चले गए।। 




----विचार एवं शब्द-सृजन----
----By---
----Shashank मणि Yadava’सनम’----
---स्वलिखित एवं मौलिक रचना---


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