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सनम के मुक्तक

Shashank ManiShashank Mani September 19, 2022
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प्रेम के योग से भावना खिल गई
साधते-साधते साधना खिल गई।। 
प्रेम के गीत का उर सृजन जब हुआ
साँस, धड़कन, मेरी आत्मा खिल गई।। 



----विचार एवं शब्द-सृजन----
----By---
----Shashank मणि Yadava’सनम’----
---स्वलिखित एवं मौलिक रचना---


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