भारत माता's image
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तुम वीरों की भूमि, 
तुम ऋषियों की तपस्थली
कर्मज्ञों की कर्मभूमि तुम, 
तुम्हीं धर्मज्ञो की वनस्थली।।

धरा की संतुलन तुम, 
तुम प्रकृति की सौंदर्य
तुम्ही जननी तुम्ही जन्मभूमि,
भारतआर्यावर्तश्च नामों में शौर्य।।

पर्वत हैं प्रहरी तुम्हारी ,
सागर पांव हैं पखारते
हिम हैं श्रृंग मस्तक,  
गंगाजल हृदय को निखारती।।

अंगवस्त्र हैं ऋतुएं तुम्हारी, 
नदियां प्यास हैं बुझाती
मूल्यवान वृक्ष संवारते तुम्हें
समतल मृदा भोजन उगातीं।।

#khankhan_piyush

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