उम्मीद's image
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मैं जब भी देखता हूं
एक समंदर के, नदी के 
या तालाब के किनारों को
मानो किनारों से टकराकर लौटती 
हर लहर कहती है एक ही किस्सा 
उम्मीद का
यही उम्मीद कि शायद
किनारों पर जीवन कुछ बेहतर है
पानी में होने से।  
 

विकाश शर्मा 
 

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