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रेत को दरिया में..

Shankar RaiShankar Rai November 17, 2021
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रेत को दरिया में इठलाती मछली अच्छी लगती थी
बच्चे को फूलों पर बैठी,तितली अच्छी लगती थी

अच्छा लगता था बादल को,नर्म हवा का सहलाना
हरे पेड़ को आसमान की,बिजली अच्छी लगती थी

आसमान से बिजली चमकी,पेड़ हरा था,झुलस गया
हवा ने बादल को बहकाया, बादल टूटा, बरस गया

दरिया ने मछली के कुनबे,रेत पे रखकर छोड़ दिये
बच्चे ने चुटकी से पकड़ा...

तितली के पर तोड़ दिए


      :/शंकर
#जिल्दसाज़ी

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