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Peace PoetryPoetry1 min read

असफलता में जीना दूभर होता है

Shadab AhmadShadab Ahmad November 20, 2021
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असफलता  में  जीना  दूभर   होता  है
बस दुख का ही साथ निरन्तर होता है

पेड़ जो औरों को  मीठे  फल  देते  हैं
भाग्य में उनके केवल पत्थर होता  है

ये उसके हर एक वचन ने  सिखलाया
कथनी और करनी में  अन्तर  होता  है

आँसू  का  उपहार  वही  दे  जाते  हैं
जिन पर अपना प्राण निछावर होता है

मानवता के फूल जहाँ  मुरझा   जाएँ
वो हृदय भी  कितना  बंजर  होता  है

कठिन समय तो  आते-जाते   रहते  हैं
क्यों चिन्तित 'शादाब' तू  इस पर होता है

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