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खयालों में रहती है

Shad Mohammad GaziShad Mohammad Gazi January 2, 2023
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तनहाई में वह वक्त को 
कैसे गुजारती होगी
आईना देखकर जुल्फें 
सवांरती होगी 
उसके प्यार की खुशबू 
हर एक शय में मौजूद है 
शायद हथेलियों पे 
मेहंदी उकारती होगी
उसकी पायल की छनक 
आज भी आती है 
बहुत याद मुझको 
मैं जिस राह से आया था
उसे छोड़कर वो उसी
रास्ते को निहारती होगी।
       - शाद गाज़ी 

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