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क्या कहूं? किससे कहूं!

vandana Aryavandana Arya June 9, 2022
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रोहिणी खुशहाल लड़की थी, जब पैदा हुई थी
पूरे परिवार में खुशी का माहौल था उसकी दादी
पूरे घर को माथे पर उठा लिया था, क्योंकि वर्षो बाद
उनके घर में लड़की जन्म हुआ था,..रोहिणी की दादी उसको दिन भर आपने सीने से लगा के रखती...एक क्षण के लिए भी अपनी आंखो से ओझल नहीं होने देती,रोहिणी की मां को कुछ गंभीर समस्या थी ...जिसके चलते वो रोहिणी के पैदा होने के कुछ दिन बाद ही इस दुनिया को अलविदा कह दी... रोहिणी का लालन पालन उसकी दादी के ऊपर आई,घर में खुशी के माहौल के बीच उसकी मां जाना पूरे परिवार को तोड़ के रख दिया था,घर एक तरफ खुशी था तो दूसरे तरफ ,दूसरे तरफ बहुत बड़ा पहाड़ टूट गया था,
पूरे परिवार अपने आप को जैसे तैसे संभाला.. पर रोहिणी के पिता  आज तक अपनी पत्नी को भुला ना सके ना ही रोहिणी को अपना सके पूरे दिल से...
रोहिणी बहुत सुलझी हुई लड़की थी, एक बार जिससे मिलती उसको अपना बना लेती.. मगर उसके अपने उसको  हर बात पर तना देते....पर दादी उसके लिए सब कुछ थी, वो हर बात पर रोहिणी को सपोर्ट करती,रोहिणी पढ़ने काफी अच्छी थी पर उसकी पिता के साथ देने से वो पढ़े छोड़ ...घर के कामों में अपनी दादी का हाथ बटाती, अगर उसकी दादी होती तो मिल जाता खाने को ..वरन यूं ही पूरे दिन बीता जाता मगर कोई सदस्य उसको खाने को न कहता..
जैसे तैसे दिन बीतते गए दादी...अब बूढ़ी हो चुकी थी
.. रोहिणी अपनी दादी से कहती ..एक आप ही हो जिसके भरोसे मैं हु ,किसी दिन आप नहीं रही तो मैं क्या करूंगी ,दादी समझी ऐसा थोड़ी है मैं कही नही जाऊंगी तुमको छोड़ कर,मगर होनी को कुछ और मंजूर था...एक रात दादी और रोहिणी साथ खाए बाते करते करते आधी रात हो, रोहिणी अपनी दादी से बोली दादी सो जाते है सुबह जल्दी उठना भी तो 
है.. कल काम खत्म नहीं हुआ तो खाना नही मिलेगा हमे...यूं ही बाते करते करते ना जाने कब दोनो की आंखे लग गए और सो गए,रोहिणी उठी अपनी दादी के तरफ देखी,उसने पहली बार अपनी दादी के इतना सुकून में सोते देखा था तो बिना कुछ बोले अपने  दैनिक कार्य मे लग गए... फिर वो सोची  जल्दी जल्दी काम खत्म कर लेती हू फिर दादी को उठाऊंगी दादी खुश हो जायेंगी...रोहिणी अपनी दादी को खुश करने के लिए जल्दी जल्दी काम खत्म करने की सोचो ..फिर उसका मन ना लगा वो जाके अपनी दादी को उठाती है, मगर उसको कहा पता था कि ये आखिरी रात थी दादी के साथ आज के बाद रोहिणी का कोई नही था इस दुनिया में यही सोच
फिर वो फूट फूट कर रोती ..फिर सोचती की काश!!मुझे भी मौत आ जाती मगर ईश्वर को कुछ और मंजूर था,...फिर आया उसके जिंदगी में एक नया मोड़ ...जो रोहिणी की जिंदगी को पूरी तरह बदल ....to be continue...........

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