वक्त को मुट्ठी में's image
Poetry1 min read

वक्त को मुट्ठी में

seema392soodseema392sood January 3, 2023
Share0 Bookmarks 74 Reads0 Likes
     वक्त को मुट्ठी में,

     कैद किया नहीं जा सकता,

     जो गुजर गए हैं पल,

      उनकेे सहारे जिया नहीं जा सकता।।

      सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

       दोराहा (जिला लुधियाना)

        

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts