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मुट्ठी बांध हम आए थे

seema392soodseema392sood January 5, 2023
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मुट्ठी बांध हम आए थे,

खोल के हाथ जाना होगा,

निष्फल स्वार्थी दुनिया से,

आखिर क्या ले जाना होगा।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

दोराहा (जिला लुधियाना)


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