मुरझाए हैं क्यों फूल's image
Poetry1 min read

मुरझाए हैं क्यों फूल

seema392soodseema392sood January 12, 2023
Share0 Bookmarks 53 Reads0 Likes
मुरझाए हैं क्यों फूल,

 बगिया के,

हताश हर कोशिश,

 हो रही है,

जिस जीवन पर,

 गुरूर था इतना,

वह जिंदगी क्यों,

वक्त के सैलाब में,

खुद को डुबो रही है।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

लुधियाना पंजाब (दोराहा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts