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कीचड़ में भी रहकर।।

seema392soodseema392sood January 12, 2023
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कीचड़ में भी रहकर,

अपना मुकाम बना पाया है,

कमल जैसा महान कौन,

जिसने गंदगी में रहकर भी,

अपना अस्तित्व पाया है।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

लुधियाना पंजाब दोराहा

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